प्यार होता है एक एहसास
प्यार होता है इक एहसास
मिलता जिसे वो होता है खास
जो कर जाए दिखावा
आता नहीं उसके कभी पास।
आसक्ति है प्रेम का पहला रंग
कहलाता है जो ऊपरी अंग
लगाव दूसरा रंग प्रेम का
समय के साथ हो जाता है फीका।
इश्क कहलाता है तीसरा रंग
रक्त से नहीं , होता ये अपनों के संग
अगला है रंग विश्वास का
जिसपर टिका होता है रिश्ता आपका।
अगला रंग होता है पूजा
समझ न पाए , भक्त के सिवा कोई दूजा
जुनून है प्यार का अगला रंग
जो चल न पाए, लंबे समय तक संग
आखिरी पर है जरूरी , रंग मृत्यु का
कहता नहीं पर ये होता है सच्चे का
हर एक रंग है प्यारा
जिसे मिल जाए , उसे नहीं चाहिए कोई और सहारा।।
_Reshma Raheja
