इश्क का नशा

दुनिया की नज़र से मिला,
समझ आया हर दिल का गिला।
अक्सर मिलने-जुलने की बातें,
नींद चुरा लेती हैं रातें।
किया तुम्हारे ख़यालों का ज़िक्र,
पर न जागी तुम्हें मेरी फ़िक्र ।

               —ALAN SHEIZ