“प्रेम – एक अनंत एहसास”**

प्रेम कोई शब्द नहीं,
जो कागज़ पर लिख दिया जाए,
प्रेम वो धड़कन है
जो खामोशी में भी सुनाई दे जाए।

प्रेम वो मुस्कान है
जो बिना वजह खिल उठती है,
वो आंसू भी प्रेम है
जो किसी और के दर्द में बहती है।

प्रेम कोई बंधन नहीं,
न ही कोई सौदा है,
ये तो मन का वो दीपक है
जो हर अंधेरे में भी जलता रहता है।

माँ की ममता में प्रेम है,
पिता की चिंता में प्रेम,
दोस्त की सच्ची बातों में प्रेम है,
और जीवनसाथी के साथ में प्रेम।

प्रेम त्याग है, समर्पण है,
विश्वास की मजबूत डोर है,
ये वो सुगंध है रिश्तों की
जो हर दिल को जोड़ती हर ओर है।

जब शब्द कम पड़ जाते हैं,
और आंखें सब कह जाती हैं,
वही सच्चा प्रेम होता है
जो आत्मा से आत्मा तक जाता है।

प्रेम सीमाओं में नहीं बंधता,
न दूरी से ये घटता है,
सच्चा प्रेम वही होता है
जो समय के साथ और बढ़ता है।

प्रेम ही जीवन की शक्ति है,
प्रेम ही सबसे बड़ी जीत,
जिसके हृदय में प्रेम बसता है
उसका जीवन होता है अतीव प्रीत।

             ✍️Sunita kashyap