इन कदमों की जरुरत है ,तुम्हरे क़दमों की ,
साथ दो पल चल पाओगे क्या ?
इस दिल को जरुरत है हंसी मजाक की ,
एक शाम साथ बिताओगे क्या ?
इन कानो को जरुरत है तुम्हारी आवाज की ,
थोडा गप्पे लड़ाओगे क्या ?
काफी दिन से साइकिल नहीं चलाई ,
एक रेस लगाओगे क्या ?
मुझे कुछ चटपटा खाना है ,
एक शाम पकोड़े के साथ चाय पिलाओगे क्या ?
-Kirti Agarwal