दिल में बनी तस्वीर
आज जब हमें फ़िरसे उनकी याद आई तो लगे हम सोचने,
के किस हालात में पला था वो इश्क जहां पे बात करने का जरिया शुरू होते ही खत्म!
ये बात करना ,क्या अभी बी मुनासिफ है?
हां है!
क्योंकि आज भी हमारे पास ना उनसे बात करने का जरिया है ना उनकी कोई तस्वीर!
फिर भी दिल में बनी उनकी तस्वीर को निहारकर हस लिया करते है हम!
उनकी तस्वीर देखकर आया याद ये कि वो कथक भी किया करती थी।
लगे हम मुस्कुराने मन ही मन में ,सोचा अगर हम उनके घुंघरूओकी छनक होते,तो वो हमे सुना तो करती!
अगर होते हम उनके घुंघरू,भले वो नाचना छोड़ देती,पर हमे संभाल कर तो रखती!
चलो ये छोड़ो!
कुछ न होते तो,उनके आंखों पे चढ़ा हुआ ऐनक तो होते ,जिसको ना कभी वो उतरती थी!
क्या ही और बयान करे ? फिर भी कहते है!
कुछ बरस हो गए देखे उनको,फिर भी क्यों बार बार हम उजले पे निली बारिश करवाया करते है!
कोई पूछेगा तो कह देंगे,
बार बार इश्क होता है हे उनसे!
क्योंकि हम इश्क़वाले उसको मौत से पहले ,
थोड़ी ना खत्म कह सकते है!
-Yash Ravindra Mali
