अनकहा साथ

1.
कुछ  प्रेम कहे नहीं  जाते
,
2. वे बस जी लिए जाते हैं !
3. जैसे सुबह की पहली  रोशनी
4. बिना आवाज़ धरती को छू लेती  है।
5. हमारा रिश्ता  भी ऐसा ही है—
6. शंत, गहरा और सच्चा।
7. शब्दों की भीड़ से दूर,
8. बस विश्वास  की छाँव  में पला ।
9. उसने कभी ऊँची आवाज़ में 
10. प्रेम का इज़हार नहीं  किया ,
11. पर उसके हर छोटे ख्याल में 
12. मेरा नाम लिखा मिला ।
13.मै  भी कहाँ  कह पाई
14. दिल  की सारी बातें 
,
15. मगर मेरी हर चुप्पी में 
16. उसका ही एहसास रहा।
17. शाम जब थक कर लौटती  है
,
18. वह दरवाज़े पर खड़ा मिलता  है।
19. उसकी खामोश मौजूदगी ही
20. दिन भर की थकान मिटा देती है।
21. कई बार हम दोनो 
22. एक ही खिड़की से आसमान देखते है ,

23. बिना  कुछ कहे भी
24. एक ही सपना बुन लेते है ।
25.दुनिया  को शायद लगे
26. कि यह रिश्ता  बहुत शांत  है
,
27. पर उन्हें  क्या पता
28. गहराई हमेशा शांत  ही होती है।
29. उसने मेरा हाथ
30. शायद कम ही थामा हो,
31. पर हर मुश्किल  राह मै 
32. उसका साथ सबसे पहले मिला ।
33. मै भी वादों  के महल  नहीं  बनाए,
34. न शब्दों की माला  पिरोई,
35. बस हर परिस्थिति मैं 
36. उसके साथ चलना  सीखा।
37. समय ने कई बार
38. हमें  परखने की कोशिश  की,
39. मगर हर परीक्षा के बाद
40. हमारा विश्वाश  और उजाला  हुआ।
41. जैसे बरसात के बाद
42. लमट्टी की खुशबू और गहरी हो जाती है
,
43. वैसे ही हर संघर्ष के बाद
44. हमारा रिश्ता  और सच्चा हुआ।
45. हमारे बीच कोई
46. दीवार नहीं  बना सकता,
47. क्योंकि  यह रिश्ता 
48. भरोसे की नींव  पर खड़ा है।
49. यह प्रेम शोर नहीं  करता,
50. बस धड़कनों  में  बसता है।
51. यह दिखावे से दूर
52. सादगी में  चमकता है।
53. अगर कोई पूछे
54. प्रेम का सबसे सुन्दर  रूप क्या है
,
55. तो मै मुस्कुरा  कर  कहूँगी 

56. वह जो बिना  बोले भी समझा जाए।
57. क्योंकि  हम दो शरीर नहीं ,
58. एक ही कहानी के दो पन्ने है !
59. जिन्हें  समय पलट सकता है
,
60. पर कभी अलग नहीं  कर सकता।