इश्क़ की यादें

इश्क़ की कई हैं दास्तान,
कुछ प्यार की, कुछ तकरार की,
कुछ हार की, कुछ इंतज़ार की।
एक रास्ता हमने भी चुना,
एक मंज़िल हमने भी खोई।
इश्क़ में दर्द, जुनून, खामोशी—
सबके अपने हैं किरदार,
जो हर कहानी के बराबर के हैं हिस्सेदार।
यूँ नहीं कि इश्क़ में सिर्फ तकलीफ़ है,
खुशी के पल भी देते हैं कई बार दस्तक,
आँखों में सपने, दिल में उम्मीद जगाकर,
फिर उस मोह में खींच लाते हैं,
जिसका दर्द भी मीठा लगे।
मैं अकेली नहीं इस इश्क़ की राह में,
हैं मुझ जैसे और कई दीवाने,
रुके हुए, खोए हुए,
फिर चल पड़े उस नाव में,
जिसकी कश्ती तक खो बैठे हैं,
सिर्फ अपनी मंज़िल की चाह में।

                                    -Prachi