अब मैं क्या करूँ

ऐसे तू घर बंद रखेगी तो में कहा रहू
तू प्यार है मेरा में कैसे कहू
नायाब तू किसी हिरे सी
में पत्थर तेरे साथ कैसे रहू |
बुलाया था खुदा को मैने अपना गवाह बनाने
अपने प्यार की बाते सुनाने
वो आया तुझसे मिला, तुझे सुनने के बाद…
उसे तुझसे प्यार हो गया अब मैं क्या करू 🫠
                   -अमृतकिशोर