चल एक बात लिखते है ,
एक मुलाकात लिखते है ,
फिर हम मिले ना मिले ,
एक किताब जिसमे तेरा मेरा एक साथ लिखते है ,
तुम्हारे साथ बिताये हुई याद लिखते है ,
कोरे कागज का एक किताब लिखते है ,
उस यादों की सियाही से एक बात लिखते है ,
एक कभी ना मिटने वाली याद लिखते है ,
तेरा और मेरा एक साथ लिखते है
चल एक बात लिखते है ,
तेरा और मेरा एक साथ लिखते है !
-Rajnish Ranjan