मौन अभिव्यक्ति

विश्व की हर परिभाषा का सार है प्रेम ,

जगत के हर अनुभव का विस्तार है प्रेम ,

यह शब्दों में बंधकर नहीं रहता 

यह भावों में बहता एक उदगार है प्रेम ,

यह न दिखाई देता , न छूने में आता ,

फिर भी हर ह्रदय में बस जाता ,

यह मौन रहकर भी बहुत कुछ कहता ,

यह आत्मा से आत्मा का नाता !

प्रेम एक मधुर अनुभूति है ,

जो मन में धीरे -धीरे खिलाती है !

जैसे कली बनकर मुस्काती ,

और फूल बनकर महकती है !

सागर की अथाह गहराई है यह ,

चांदनी को कोमल परछाई है यह !

पेड़ो की शीतल छाया जैसे ,

मन को सुकून दिलाई है यह !

यह अटूट विश्वास की डोरी है ,

जो कभी न टूटने वाली हो हर रिश्ते की सच्ची कहानी 

जो दिल से दिल को जोड़ने वाली हो !

प्रेम में न कोई स्वार्थ छिपा ,

न कोई चाहत का बोझ है ,

यह देने का मधुर अहसास है ,

जहाँ हर त्याग भी सामंजस्य का प्रतीकहै !

अंधकार में दीपक बनकर ,

यह राहों को रोशन करता है !

दुःख की हर काली रात में ,

यह आशा की किरण बनता है !

यह समस्याओ का हल भी है ,

और उलझनों की पहचान भी ,

यह बिखरे मन को जोड़ता है ,

और देता नई उड़ान भी !

बंजर धरती पर हरियाली है ,

सूखे में सावन की पहली गुहार है ,

य वीरान दिलों की धड़कन है ,

और जीवन का अनमोल उपहार ,

कैसी है यह माया ,

जो संसार की पलट दे काया !

यह समय के साथ और गहरा हो ,

हर पल नया रंग हो !

जीवन के खटास की मिठास ,

प्रेम है गहरी भावना !

जिसको ना तोडा जा सका ,

यह सदा आनंत ही रहा !

वचनों की परिपूर्ती ,

यादों की श्रंखला ,अमरत्व का दान ,

जीवन जीने का आधार ! 

प्रेम वह नहीं जो , शब्दों में बंध जाए ,

यह वह एहसास है ,

जो मौन में भी गूँज जाए !

              _ओजस्विनी मोरे