मेरी लाडली बेटी
जब बेटी कि शादी पक्की हुई
तब पिता हुआ दुखी
बेटी मुझे छोडकर जाएगी
मेरी बेटी मुझे बहुत याद आएगी
– मेरी लाडली बेटी मायका छोड चली ससुराल छोटी
जब-जब पास आ रही तारिख तेरी शादी कि
तब तब आँखो में आसु आने कि कोशिश की
पिता बेटी कि हर ख्वाईश पूरी करता रहा
जब बेटी ससुराल जाने का नाम लेकर पिता कणकण मरता रहा
मेरी लाडली बेटी मायका छोड चली, चली ससुराल छोटी
जब मेहंदी का दिन आया
उस दिन पिता खुश तो बहोत हुआ
पर जब गाना बजा “बाबुल का घर छोडके” दोनो गले मिलकर ऐसे रोए
उनको देखकर सब रोने लगे
मेरी लाडली बेटी मायका छोड़ चली चली ससुराल छोटी
पापा मेरे लाडले
पड गये वो अब अकेले
मेरे खुशियों के लिये लडे
मेरे खुद के लिये वो हर पल खडे
मेरी लाडली बेटी मायका छोड चली चली ससुराल छोटी
मेरे हातो पे मेहंदी सजी होगी
मेरे पापा कि कैसी हालत हुई होगी
मेरे पापा मेरे सबकुछ है
मेरे पापा ही मेरे हिरो है
मेरी लाडली बेटी मायका छोड चली चली ससुराल छोटी
मेरी लाडली रोहिणी
तु देती रहे दोनो घरोको रोशनी
मेरे प्यारे पापा में आपकी लाडली रहूंगी सुखोसे भरपूर तुम रहना मेरे बिगर खुशी से ना करना हुरहुर
मेरी लाडली बेटी मायका छोड़ चली चली ससुराल छोटी
मेरी लाडली कि हुई मौज सारी
मेरे पापाने दिए हम दोनों को आशीर्वाद प्यारी
मेरी लाडली चली ससुराल,
तु रहे खुश हरपल
तु है हमारी शान,
तु है हमारी जान
मेरी लाडली बेटी मायका छोड चली चली ससुराल छोटी
@© रोहित रतन खैरनार
