प्रेम एक मीठी सी धूप है,
मन के आंगन की रूप है।
खामोशियों में बोलता,
हर दर्द को ये खोलता।
सपनों सा कोमल एहसास,
हर पल देता नया विश्वास।
आंधी में भी दीपक सा,
राह दिखाए चुपके सा।
हंसी, आंसू संग चलता,
जीवन को सुंदर सा ढलता।
प्रेम ही सच्चा उपहार,
जिससे महके हर संसार।
_Tanishka Jain