प्रेम कविता

प्रेम  एक एहसास है
उसके लिए जो सबसे खास है।
प्रेम में होना नहीं होता दरू या पास,
बस बन जाना होता है उनकी खुशियों का दास।
भावनाएँ होती मन में बेहिसाब हैं,
दिल में बस उनके ही ख्वाब हैं।
किसी को छूना प्रेम नहीं है,
उसका हो जाना प्रेम नहीं है।
उसके लिए सब कर जाना प्रेम है,
उसकी ख़ुशी  में मुस्कुराना  प्रेम है।
उसकी आँखों  में अपने सपने देखना,
और हर पल उसे चाहना प्रेम है।
प्रेम वो है जो दिल को सुकून  दे,
बिना कहे हर बात को सनु ले।
खामोशी में भी साथ निभाए,
और हर दर्द को अपना बना ले।
प्रेम वो है जो इंतज़ार सिखाता है,
हर पल उसकी याद दिलाता है।
मुस्कान  में उसका चेहरा दिखता है,
और दिल बस उसी को चाहता है।
प्रेम में कोई शर्त नहीं होती,
न कोई दूरी  दीवार बनती है।
दो सच्चे दिल जब मिल जाते हैं,
तब हर मुस्किल भी आसान बनती है।

       -Anjali Ruhela