प्रेम शोर नहीं करता”

प्रेम शोर नहीं करता,
वह धीरे से दिल में जगह बना लेता है।
कभी बिना बताए,
कभी बिना पूछे ही।

यह कोई बड़ी बात नहीं होती,
बस छोटी-छोटी बातों में छिपा रहता है।
किसी की आदत बन जाना,
और फिर उसी आदत में सुकून मिलना।

जब थक जाओ और कोई पूछ ले,
“सब ठीक है ना?”
तो दिल को थोड़ा सा हल्का लगने लगता है।
शायद वही प्रेम होता है।

प्रेम हमेशा पास रहना नहीं है,
कभी दूर होकर भी साथ रहना है।
कभी कुछ न कहकर भी
सब समझ लेना है।

यह वादों से ज्यादा
भरोसे पर चलता है।
न दिखावे की जरूरत,
न ही बड़ी-बड़ी बातों की।

अगर सच में प्रेम हो,
तो डर कम लगने लगता है।
और जिंदगी थोड़ी आसान।

प्रेम शोर नहीं करता,
पर महसूस बहुत होता है।

       _Ayush Sharma