प्यार : एक कुदरती तोहफा

प्यार एक खुशनुमा पल है,
प्यार एक कुदरत का नाम है |
प्यार किसी से भी हो सकता है,
प्यार किसी से भी करा जा सकता है |
प्यार में जाति है नही देखी जाती,
प्यार में रूप रंग है नही देखा जाता |
जब प्यार होता है तब एक इंसान,
दूसरे इंसान से मिलता है |
उसकी विचार, सोच को व आपस
में साझा करता है |
प्यार इंसान से ही हो यह जरुरी नही,
प्यार पशु व पक्षी से भी हो सकता है |
जब प्यार होता है तो दो जीवों के,
बीच में हृदय का आकर्षण होता है |
जब हृदय का आकर्षण होता है,
तब दो जीव आपस में एक दूसरे
के समीप आते है |
और धीरे -धीरे एक दूसरे के प्यार
में है खो जाते है,
प्यार एक माँ का अपने बच्चे से |
प्यार एक पति का अपनी पत्नि से,
प्यार एक गुरु का अपने शिष्य से |
प्यार एक शिक्षक का अपने छात्र से,
निस्वार्थ भाव से होता है |
प्यार कुदरत का वो नायाब तोहफा है,
जो हर इंसान को बहुत हद तक
बदल देता है |
प्यार में ही वो ताकत है,
जो किसी भी इंसान को गलत राह
से जाने में रोक देता है |
सृष्टि में अगर प्यार ना होता तो,
सृष्टि में कभी शांति है नही होती |
केवल सृष्टि नरसंहार की ही तस्वीर,
को बयां है करती |

                   -रजत त्यागी