beti Ka Adhikar
बेटी का अधिकार बेटी बोझ नहीं, घर की शान है,ममता की धूप, जीवन की पहचान है।उसके सपनों को पंख लगाओ,घर आंगन में खुशियाँ खिलाओ।न डर की छाया, न आँसू की…
बेटी का अधिकार बेटी बोझ नहीं, घर की शान है,ममता की धूप, जीवन की पहचान है।उसके सपनों को पंख लगाओ,घर आंगन में खुशियाँ खिलाओ।न डर की छाया, न आँसू की…
प्यार या दोस्ती? मुझसे प्यार है तुम्हे ये बात कहाँ तक छुपाओगे।।कब तक हम सिर्फ दोस्त है इन बातों से खुद को समझाओगे।।अगर प्यार करते हो तो बोल दो नाअपने…
इश्क की परिभाषा हम इश्क़ की बात करते हैं, तो इश्क़ क्या है, कैसा होता है,आज इसकी परिभाषा ही बदल चुकी है।लोगों ने हवस और मज़े को इश्क़ का नाम…
टकराव: सादा मगर गहरा | (लड़का)जरा सा देखकर चलते, तो ये नुकसान न होता,मेरे हाथों में ये बिखरा हुआ सामान न होता।कहाँ खोई हुईथीं आप, कुछ तो गौर करतीं तुम,यूँबीच…
इश्क या कुछ और या कुछ और...तू उसे इश्क करता हे या कुछ और,वो इश्क समझता है या कुछ और,रोज़ नए-नए फसाने तैयार होते है,ये हादसा बनेगा या कुछ और,मेरा…
''तुम और मैं '' तुम किरणों का खिला हुआ फूल हो,मैं खुशबू में मुग्ध प्रिये!तुम हवा से बतियाता पेड़ हो,मैं छाँव में बैठा मुसाफ़िर प्रिये!तुम नदी का साफ पानी हो,मैं…
एक शायराना प्रपोज़ल In English we say: " will you marry me?"But in poetry I asked:मेरे ख्वाबों में एक ताज है ,तुम मुमताज बनोगी क्या ?मैंने कुछ अल्फाज़ लिखे है…
इश्क़_के_समीकरण गणित की कक्षा में,इक अजब मसअला हल हो रहा था,कि तुमने देख कर मुस्कुराया,और इश्क़ का नया फलसफा चल रहा था।समीकरण हल करने बैठा था,पर नज़रें तेरी मश्क में…
“वो हल्का-सा बचपन” बचपन का वो भारी बैगज़िंदगी की टेंशन से हल्का था,धूल भरी राहों में दौड़ते हमहर मंज़िल से पहले मासूम-सा छल्का था।किताबों का वज़न कंधों परमगर दिल बिल्कुल…
“प्रेम – एक अनंत एहसास”** प्रेम कोई शब्द नहीं,जो कागज़ पर लिख दिया जाए,प्रेम वो धड़कन हैजो खामोशी में भी सुनाई दे जाए।प्रेम वो मुस्कान हैजो बिना वजह खिल उठती…